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सऊदी अरब में पुलिस की फायरिंग में मारा गया भारतीय शख्स, गलती से लगी थी गोली

जन सेवा भारत न्यूज़ चैनल सम्पादक श्री मुहीत चौधरी जी की ख़ास रिपोर्ट

झारखंड से सऊदी अरब में मजदूरी करने गए एक शख्स की इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ये बात तब सामने आई, जब झारखंड श्रम विभाग ने शव वापसी के लिए सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया.

अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गिरिडीह के डुमरी ब्लॉक के एक 26 साल के व्यक्ति की सऊदी अरब में पुलिस और जबरन वसूली करने वाले गैंग के बीच हुई गोलीबारी में मौत हो गई.

अधिकारियों और परिवार के सदस्यों ने बताया ने कि उसको गोली तब लगी, जब वह स्थानीय पुलिस और अवैध शराब व्यापार में शामिल अपराधियों के बीच गोलीबारी में फंस गया था. इसके बारे में और जानकारी देते हुए श्रम विभाग अधिकारी लाकड़ा ने कहा, ‘हमने तुरंत भारतीय दूतावास और सऊदी अरब की जेद्दा पुलिस से बात की है. अब मौत से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कराने और फिर शव को उसके गांव वापस लाने की कोशिश जारी है.’

मौत से पहले पत्नी को भेजा वॉइस मैसेज

एक सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने बताया विजय कुमार महतो पिछले नौ महीनों से एक निजी कंपनी में टावर लाइन फिटर के रूप में काम कर रहा था. अली ने बताया, ‘उसने 16 अक्टूबर को अपनी पत्नी बसंती देवी को व्हाट्सएप पर एक वॉइस मैसेज भेजा था कि वह गोलीबारी में फंस गया है और उसे चोटें आई हैं.’

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उन्होंने आगे कहा कि देवी ने अपने ससुराल वालों को इसकी सूचना दी, लेकिन उन्हें लगा कि उसका इलाज चल रहा है. 24 अक्टूबर को जिस फर्म में वह काम करता था, उसने उन्हें बताया कि गोलीबारी में उसकी मौत हो गई है. अली ने ये भी बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद राज्य के श्रम विभाग और गिरिडीह ज़िला प्रशासन को न केवल शव वापस लाने के लिए, बल्कि पीड़ित के गरीब परिवार के सदस्यों के लिए सऊदी अरब के अधिकारियों से मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है.

गोलीबारी के बीच कैसे आया विजय

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए महतो के बहनोई राम प्रसाद महतो ने कहा कि यह घटना 15 अक्टूबर को हुई जब विजय अपनी फैक्ट्री के पास टहल रहे थे और पुलिस और इलाके में सक्रिय स्थानीय जबरन वसूली करने वालों के बीच गोलीबारी में फंस गए. गोलाबीर के दौरान गलती से एक गोली विजय को भी लगी.

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