हापुड़ जनपद में आज दिनांक 18 दिसंबर 2025 को फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण के तीसरे दिन कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया कृषि विज्ञान केंद्र अमरोहा के प्रभारी अधिकारी डॉक्टर एके मिश्रा डॉ एसपी सिंह डॉ अमित तोमर ने कार्यक्रम में अपने-अपने व्याख्यान देकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया डॉक्टर एक ही मिश्रा ने परली को ना जलाकर उसका प्रयोग खेत में कैसे किया जाए वह किन यंत्रों का प्रयोग कर कृषक भाई अपने खेत में फसल अवशेष प्रबंधन कर सकते हैं जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कृषकों से चर्चा की डॉ एसपी सिंह ने बताया की फसल अवशेष प्रबंधन के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार दोनों ही कृषकों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयासरत है जिससे कि अधिक से अधिक कृषक भाई फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक होकर इस प्रबंधन का अपने खेत में सदुपयोग करें डॉ अमित तोमर ने खेत की बुवाई के समय व उससे पूर्व फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित सभी तकनीकियों को कृषकों के बीच विस्तृत रूप से रखा एवं उन पर चर्चा की केंद्र प्रभारी डॉक्टर अरविंद कुमार ने कृषकों से कहा कि यह प्रशिक्षण पांच दिवसीय है जिसके अंदर 25 कृषियों का एक बैच फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीकियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेगा वह उसे जानकारी के माध्यम से अपने आसपास के कृषक भाइयों को भी अवगत कराएगा मृदा विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक सिंह ने बताया की फसल अवशेष प्रबंधन के माध्यम से हमारे किसान भाई अपने खेत की मृदा को स्वस्थ एवं उपजाऊ बना सकते हैं यदि वहां फसल अवशेषों को ना जलाकर मिट्टी में ही मल्चर द्वारा मिक्स करें तो खेत की मिट्टी अधिक उपजाऊ एवं स्वस्थ रहेगी और उत्पादन भी अच्छा होगा डॉ नीलम कुमारी कृषि प्रसार ने फसल अवशेष प्रबंधन एवं राज्य एवं केंद्र सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में कृषकों को अवगत कराया केंद्र के पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष त्यागी ने फसल अवशेष प्रबंधन में पादप सुरक्षा महत्व के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा करें केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ वीरेंद्र पाल गंगवार ने किसानों के बीच फसल अवशेष प्रबंधन में बागवानी एवं सब्जी वर्गीय फसलों फसलों में फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीकियों पर चर्चा की गई।




