
उत्तर प्रदेश के.मुरादाबाद में सोशल मीडिया पर नगर निगम की छवि खराब करने और भ्रामक संदेश फैलाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई थाना कोतवाली में नगर निगम प्रशासन की तहरीर पर की गई। अधिकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानबूझकर तथ्य तोड़-मरोड़कर पेश किए गए और भड़काऊ सामग्री साझा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।
विवाद का शुरुआत उस वायरल वीडियो से हुआ, जिसमें नगर निगम के एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी का कूड़ा फैलाते हुए दृश्य दिखाया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद शहर में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। नगर निगम ने प्रारंभिक जांच में संबंधित कर्मचारी की पहचान कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी थी।हालांकि, नगर निगम का आरोप है कि इस घटना को कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर अलग रूप में पेश किया। आरोप है कि वीडियो को आधार बनाकर X पर ऐसे पोस्ट किए गए, जिनमें नगर निगम की कार्यशैली पर गलत आरोप लगाए गए और धार्मिक एंगल भी जोड़े गए, जिससे समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया।
नगर निगम द्वारा दी गई तहरीर में मुख्य आरोपी के रूप में शहनवाज का नाम सामने आया है, जो ‘शहनवाज न्यूज़ 24’ नामक अकाउंट संचालित कर रहा है। निगम का दावा है कि इस अकाउंट से लगातार ऐसे पोस्ट किए गए, जिनका मकसद नगर निगम को बदनाम करना और आम जनता के बीच अविश्वास पैदा करना था। इसके अलावा, दो अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री का स्क्रीनशॉट और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं। साइबर सेल की मदद से पोस्ट की उत्पत्ति, शेयर करने वालों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है।एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि नगर निगम की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामला भ्रामक सूचना प्रसारित करने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या पोस्ट को बिना सत्यापन के साझा न करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट जानकारी से न केवल संस्थाओं की छवि प्रभावित होती है, बल्कि शहर का सामाजिक वातावरण भी बिगड़ सकता है।फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी




