हापुड़, 9 मार्च 2026: आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हापुड़ कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन SDM कलेक्ट्रेट प्रभारी शुभम श्रीवास्तव को दिया। ज्ञापन में ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati जी महाराज के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष जाँच, कुंभ/माघ मेला प्रकरण में प्रशासनिक आचरण की समीक्षा तथा गौमाता को “राष्ट्रमाता” घोषित किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ एवं माघ मेले के दौरान शंकराचार्य जी के रथ को रोका गया और संगम स्नान जैसे धार्मिक अनुष्ठान में उन्हें बाधाओं का सामना करना पड़ा। साथ ही प्रशासन द्वारा “शंकराचार्य” पदवी के उपयोग को लेकर भी आपत्ति व्यक्त की गई। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि ज्योतिषपीठ की स्थापना आदि गुरु Adi Shankaracharya द्वारा की गई थी और यह सनातन धर्म की प्रमुख परंपराओं में से एक है।
आजाद अधिकार सेना की मांग है कि प्रयागराज में कुंभ/माघ मेला प्रकरण में हुई घटनाओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच कराई जाए, शंकराचार्य जी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जाँच सुनिश्चित की जाए, जांच पूर्ण होने तक उनकी सुरक्षा एवं गरिमा का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और गौमाता को “राष्ट्रमाता” घोषित किए जाने के विषय पर केंद्र सरकार एवं संसद स्तर पर गंभीर विचार-विमर्श प्रारंभ किया जाए। मौके पर जिलाध्यक्ष सचिन रावल, हापुड़ तहसील अध्यक्ष सलीम, आकाश, बबली, अशोक, सुरेश आदि मौजूद रहे।



