रिपोर्टर भूपेंद्र वर्मा
गढ़मुक्तेश्वर/सिंभावली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के अभाव के चलते फिर एक नवजात शिशु ने तोड़ा दम, पूर्व में भी हो चुकी है दो नवजात शिशुओं की मौत
गौरतलब रहे कि बीती रात्रि प्रसव पीड़ा होने पर बक्सर निवासी मोनू के द्वारा अपनी पत्नी भूरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिखेड़ा ले जाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ महिला नर्स के द्वारा पीड़िता का प्रसव सीएचसी में नहीं कराने का परामर्श देकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सर भेजते हुए कहा कि महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराने को लेकर चार इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे। एक इंजेक्शन ₹500 का होगा। जिसको सुनकर पीड़ित परिजन तैयार हो गए। और पीड़िता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सर में प्रसव करने के लिए भर्ती कराया गया। जहां पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया।
जन्म देने के कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सुविधा के अभाव में बच्ची ने दम तोड़ दिया। जबकि पूर्व में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो नवजात शिशुओ की सुविधाओं के अभाव में मौत हो चुकी है। इस तरह की घटनाओं को लेकर सरकारी सिस्टम से लोगों का विश्वास उठता जा रहा है। जिसको लेकर पीड़ित परिजनों ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से शिकायत कर स्टाफ नर्स के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग की है। वही इस मामले को लेकर सीएचसी प्रभारी डॉक्टर अमित बैसला का कहना है कि सीएचसी में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टाफ नर्स के द्वारा पीड़िता को प्रसव कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्यों भेजा गया। इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्यवाही की जाएगी।




