बर्ड फ्लू : मुरादाबाद में भी अलर्ट,अफसरों ने जांची साफ-सफाईरामपुर जनपद में बर्ड फ्लू की दस्तक से पोल्ट्री फॉर्म संचालकों.में चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्सा विभाग ने सभी 26 पोल्ट्री.फॉर्मों की सुरक्षा की पुष्टि की है, लेकिन एहतियात के तौर पर
मुरादाबाद। पोल्ट्री फॉर्म संचालकों के लिए चिंता की बात है।रामपुर जनपद में बर्ड फ्लू की दस्तक ने यहां के कारोबारियोंमें घबराहट पैदा कर दी है। पशु चिकित्सा विभाग ने इसे लेकरअलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की टीमें संचालकों के संपर्कमें हैं। मंगलवार को टीम ने पोल्ट्री फॉर्म पहुंचकर साफ-सफाई.की छानबीन की। विभाग दावा कर रहा है कि जनपद के सभी26 पोल्ट्री फॉर्मों में सभी मुर्गे- मुर्गियां सुरक्षित हैं। किसी तरहका संक्रमण नहीं है। बावजूद उसके एहतियात के तौर पर.सतर्कता का ऐलान कर दिया गया है।
संचालकों को विभागीयप्रोटो.कॉल के पालन की अनिवार्यता समझाई जा रही है।चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 95 नमूने भेजे गए हैं। सभीकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले में तीन बड़े फॉर्म हैं।जिनमें सरकार की ओर से अनुदान दिया गया है। एक केंद्रमें 50 हजार और बाकी के दो पोल्ट्री हाउस में 30-30हजार मुर्गे- मुर्गियां हैं। उधर, निजी क्षेत्र की 23 केंद्रों पर दो,पांच, सात यानी कुल 80 हजार मुर्गे- मुर्गियां हैं। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.सुनील प्रजापति ने छजलैट ब्लॉक के.पाइंदपुर पोल्ट्री का निरीक्षण किया।
यहां करीब 30,000 बर्डपाले गए हैं। सभी सुरक्षित पाए गए। जबकि अहमदपुर नंगलाके पोल्ट्री में 20,000 स्वस्थ मिले। टीम ने यहां के कर्मचारियोंऔर संचालकों से बातचीत की। चूना का छिड़काव करायागया। नियमित सफाई के निर्देश दिए गए। बाहरी पक्षी काआना रोका गया है। बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा ) मुख्य रूपसे संक्रमित मुर्गे-मुर्गियों के संपर्क में आने से फैलता है। यहसंक्रमण मनुष्यों में तब हो सकता है,
जब वे संक्रमित के मल,लार, या नाक के स्राव के संपर्क में आते हैं, या फिर संक्रमित.के आसपास की जगहों को छूने के बाद अपनी आंख, नाक यामुंह को छूते हैं। इसलिए नियम है कि संक्रमण के बाद सभीमुर्गे- मुर्गियों को मार दिया जाए। पोल्ट्री फॉर्म को पूरी तरह सेशील्ड कर दिया जाए। प्रभावित आदमी को 15 से 20 दिन.तक क्वारंटाइन करना होता है। डॉ. सुनील दत्त प्रजापति, मुख्यपशु चिकित्साधिकारी




