भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की भूमिका अहम है। रोजगार सृजन, नवाचार और क्षेत्रीय विकास में योगदान देने वाला यह क्षेत्र अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इन्हीं संभावनाओं को गति देने के लिए अमर उजाला “एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव” का आयोजन कर रहा है।
इस कॉन्क्लेव में विशेषज्ञ न केवल भविष्य की फंडिंग व्यवस्था और मार्केटिंग- ब्रांडिंग की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी नई तकनीकों को अपनाने के तरीकों पर भी विचार साझा करेंगे। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नवाचारी वित्तीय विकल्पों के जरिये एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर भी जोर रहेगा।
एजेंडे का बड़ा हिस्सा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना को समर्पित होगा। इस योजना का उद्देश्य हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जैसे जिले इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। गाजियाबाद का इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर भी वैश्विक ब्रांड बनने की क्षमता रखता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे ठोस उपाय तलाशना है, जिनसे गाजियाबाद जैसे औद्योगिक जिलों के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके और एमएसएमई क्षेत्र को भारत की आर्थिक रीढ़ से आगे बढ़ाकर वैश्विक पहचान दिलाई जा सके।




