मेरठ और मवाना से हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर के गैंगस्टरों को सप्लाई करने वाले एक गिरोह का अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को दबोचा है। इनकी पहचान मुख्य सप्लायर वजीरपुर, जेजे कॉलोनी निवासी मो.
साजिद उर्फ राशिद (42), रिसीवर इंद्रपुरी निवासी विशाल राणा उर्फ भोला राजौरी गार्डन निवासी अनिकेत और कीर्ति नगर निवासी सौरभ ढींगरा उर्फ मन्नी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 15 पिस्टल, 150 कारतूस और आठ अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में गोलीबारी की घटनाओं में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को देखते छानबीन शुरू की गई। इस बीच टीम ने हथियार सप्लाई करने वाले बदमाशों पर नजर रखना शुरू की। 11 अगस्त टीम को सूचना मिली कि हथियारों की सप्लाई करने एक बदमाश आने वाला है। टीम ने नेताजी सुभाष प्लेस के पास जाल बिछा दिया। इसके बाद साजिद को वहां से दबोच लिया गया। इसकी कार से 10 पिस्टल, 118 कारतूस और आठ अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई। पूछताछ में साजिद ने बताया कि वह पहले दिल्ली में कई बदमाशों को अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुका है। उसकी निशानदेही पर तीन और हथियारों के रिसीवर विशाल राणा, अनिकेत और सौरभ ढींगरा को दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इनके कब्जे से बाकी हथियार भी बरामद कर लिया। साजिद ने बताया कि वह मेरठ और मवाना में अलग-अलग लोगों से अवैध हथियार खरीदता था और उन्हें दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को बेच देता था। इनमें नीरज बवाना गिरोह, अफसर गिरोह और अन्य शामिल हैं। आरोपी वर्ष 2012 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। उस पर पहले से डकैती, अवैध हथियार, हत्या के प्रयास समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2023 में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों और कारतूस की एक बड़ी खेप के साथ साजिद को गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अवैध हथियारों की तस्करी फिर से शुरू कर दी। वह 35 से 40 हजार में हथियार खरीदकर आगे इसे 50 से 60 हजार का बेचता था। पिछले कुछ साल में वह 100 से अधिक हथियार सप्लाई कर चुका है।
रि० जन सेवा भारत न्यूज़ चैनल सम्पादक श्री मुहीत चौधरी




