
मुरादाबाद में रोडवेज बस स्टैंड के सामने रेलवे कीजमीन पर वर्षों से संचालित 165 खोखों पर रेलवेने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवेप्रशासन ने इन सभी खोखाधारकों को नोटिस जारीकर 29 दिसंबर तक अपनी दुकानें स्वयं खाली करनेका अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद कई दुकानदारों नेबुलडोजर के डर से अपनी दुकानें खुद ही खाली करनाशुरू कर दिया है।रेलवे ने इन खोखों पर लाल निशान लगाए थे औरनोटिस में स्पष्ट किया था कि तय तिथि के बाद बलपूर्वककार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे की नहींहोगी। रेलवे प्रशासन अपने फैसले पर अडिग है।रेलवे की इस चेतावनी के बाद व्यापारी हड़ताल परचले गए थे और रेलवे के खिलाफ धरने पर बैठ गएथे।इस धरने में भाजपा के शहर विधायक रितेश गुप्ता भीव्यापारियों के समर्थन में शामिल हुए थे।

26 दिसंबर को की गई घोषणा के बाद दुकानदारों में.बुलडोजर चलने का डर साफ नजर आ रहा है। इसी भयके चलते कई दुकानदार अपनी दुकानें स्वयं खाली करतेदिखाई दिए। दुकानदारों का कहना है कि यदि रेलवेअचानक बुलडोजर चला देता है तो उनका लाखों रुपएका सामान नष्ट हो सकता है।व्यापारियों ने बताया कि इन 165 दुकानों से लगभग 25से 30 हजार लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। दुकानेंहटने के बाद बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे।व्यापारियों ने रेलवे प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोणअपनाने और किसी वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।फिलहाल, व्यापारियों को राहत के कोई संकेत नजर नहींआ रहे हैं। रेलवे की सख्ती और प्रशासनिक कार्रवाईके चलते क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, वहीं.दुकानदार अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं।




