अमेरिका में निकोलस मादुरो के खिलाफ शुरू हुई ऐतिहासिक और हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. जिस शख्स ने कभी विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिकी जेल से बाहर निकालने का असंभव सा काम कर दिखाया था.
वही वकील अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की किस्मत अदालत में तय करेगा. बैरी जे पोलैक का नाम आते ही अमेरिका की कानूनी दुनिया में हलचल मच जाती है.
मादुरो पर अमेरिका में नर्को-टेररिज्म और कोकीन तस्करी जैसे बेहद गंभीर आरोप हैं और यह केस सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक भी है. ऐसे में मादुरो द्वारा बैरी पोलैक को अपना वकील चुनना बताता है कि वे इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ने के मूड में हैं. पोलैक वही नाम हैं, जिनकी रणनीति से अमेरिकी प्रशासन भी कई बार असहज हुआ है.
कौन हैं बैरी पोलैक?
बैरी जे पोलैक वॉशिंगटन डीसी के एक जाने-माने ट्रायल लॉयर हैं, जो पिछले तीन दशकों से अमेरिका के सबसे संवेदनशील और विवादास्पद मामलों को संभालते रहे हैं. वह प्रतिष्ठित लॉ फर्म Harris, St. Laurent & Wechsler के पार्टनर हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराध और हाई-स्टेक फेडरल ट्रायल्स में उनकी गिनती दिग्गजों में होती है. कोर्टरूम में उनकी छवि एक ऐसे वकील की है जो बेहद गहराई से केस पढ़ता है और जूरी के सामने कहानी को असरदार ढंग से रखता है.

(फोटो-Reuters)
क्यों मादुरो ने पोलैक को चुना?
मादुरो के खिलाफ केस सामान्य नहीं है. अमेरिकी अभियोजन पक्ष का दावा है कि मादुरो ने 25 साल तक सत्ता का दुरुपयोग कर अमेरिका में कोकीन सप्लाई नेटवर्क को संरक्षण दिया. ऐसे में पोलैक का अनुभव मादुरो के लिए अहम है. खासतौर पर राजनीतिक रूप से प्रेरित मुकदमों को चुनौती देने का. पोलैक पहले भी दलील दे चुके हैं कि कई मामलों में अमेरिका सेलेक्टिव और विंडिक्टिव प्रॉसिक्यूशन करता है.
कैसे चलेगा मादुरो का केस?
मादुरो का केस न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चल रहा है, जिसकी सुनवाई जज एल्विन हेलरस्टीन कर रहे हैं. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मादुरो ने सिनालोआ कार्टेल जैसे ड्रग नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया और ड्रग तस्करों को डिप्लोमैटिक पासपोर्ट तक मुहैया कराए. पोलैक की रणनीति में सॉवरेन इम्युनिटी यानी राष्ट्रपति पद की कानूनी सुरक्षा का तर्क अहम हो सकता है.
जूलियन असांजे केस ने पोलैक को क्यों बनाया लीजेंड?
बैरी पोलैक को वैश्विक पहचान तब मिली जब उन्होंने जूलियन असांजे के लिए वह डील तैयार की, जिससे असांजे सालों बाद आजाद हो सके. अमेरिकी जासूसी कानून के तहत फंसे असांजे के केस को लगभग असंभव माना जा रहा था. लेकिन पोलैक की बातचीत और कानूनी रणनीति ने अमेरिका को प्ली डील के लिए मजबूर कर दिया. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में फंसे लोग उन्हें ‘लास्ट होप लॉयर मानते हैं.

(फोटो LinkedIn)
बैरी पोलैक के करियर की बड़ी जीतें
- जूलियन असांजे की रिहाई.
- एनरॉन घोटाले में फंसे एक पूर्व एग्जीक्यूटिव को पूरी तरह बरी कराना.
- 17 साल जेल में बंद निर्दोष मार्टिन टैंकलेफ को न सिर्फ आजादी दिलाना, बल्कि 13.4 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिलवाना
- कई हाई-प्रोफाइल फेडरल जूरी ट्रायल्स में जीत.
मादुरो के लिए आगे की राह
- सॉवरेन इम्युनिटी का दावा.
- अमेरिकी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताना.
- सबूतों की वैधता को चुनौती देना.
- अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति का सहारा.
- केस को लंबा खींचकर वैश्विक दबाव बनाना.
मादुरो की पत्नी का बचाव कौन करेगा?
मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस का केस पूर्व अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट प्रॉसिक्यूटर मार्क डॉनेली देख रहे हैं. यानी मादुरो परिवार ने कानूनी लड़ाई के लिए अमेरिका के सबसे अनुभवी नामों को मैदान में उतार दिया है.
क्यों यह केस दुनिया देख रही है?
यह सिर्फ एक ड्रग ट्रायल नहीं, बल्कि अमेरिका की रेजिम चेंज नीति, अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता की परीक्षा है. अगर पोलैक इस केस में कोई बड़ी कानूनी राहत निकालते हैं, तो यह अमेरिका के अभियोजन तंत्र के लिए बड़ा झटका होगा.




