
मुरादाबाद। संभल हिंसा और हालिया कानूनी विवादों के बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एस.टी. हसन ने तीखे तेवर अपनाए हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपने राजनैतिक हितों के लिए अपराधियों का इस्तेमाल करती है और काम निकल जाने के बाद उन्हें दूध में से मक्खी की तरह बाहर फेंक देती है।अनुज चौधरी मामले पर कानूनी रुख-अदालत द्वारा अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर एस.टी. हसन ने कहा कि यह पूरी तरह अदालत का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया:अदालत ही करेगी फैसला: “अनुज चौधरी अपराधी हैं या नहीं, यह तय करना पुलिस या नेताओं का काम नहीं, बल्कि अदालत का काम है। फिलहाल किसी को दोषी करार देना जल्दबाजी होगी, कानून को अपना काम करने देना चाहिए।”
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल-संभल पुलिस द्वारा निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने पर सपा नेता ने हैरानी जताई।अपराधियों को संरक्षण का आरोप: उन्होंने कहा कि पुलिस का यह कदम ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे किसी को बचाने का प्रयास कर रहे हों।कानूनी प्रक्रिया: हसन ने कहा, “पुलिस को हाईकोर्ट जाने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यदि वहां भी फैसला बरकरार रहता है, तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। न्याय की प्रक्रिया से कोई बच नहीं सकता।”राजनैतिक गलियारों में हलचल-एस.टी. हसन के इस बयान के बाद मुरादाबाद और संभल के प्रशासनिक हलकों में गहमागहमी बढ़ गई है। सपा नेता ने साफ़ कर दिया है कि वे इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई और सरकार की नीयत पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।




