
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के थाना छजलैट क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें चिटफंड कंपनी में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के बाद रकम मांगने पर बुजुर्ग को तमंचे के बल पर अगवा कर सड़क हादसे का रूप देकर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर पिता-पुत्र समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
थाना छजलैट के गांव संजरपुर निवासी 60 वर्षीय अजब सिंह ने न्यायालय में दायर अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जिला अमरोहा के थाना अमरोहा देहात क्षेत्र के गांव चक घी का नगला निवासी राकेश यादव, राजवीर यादव और उसका पुत्र अभिषेक ने उन्हें चिटफंड कंपनी में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। आरोप है कि विश्वास में लेकर तीनों ने उनसे कुल 9 लाख 35 हजार रुपये जमा करा लिए।पीड़ित के अनुसार शुरूआत में आरोपियों ने अच्छे रिटर्न का भरोसा दिया, लेकिन समय बीतने पर न तो कोई मुनाफा मिला और न ही मूल धन वापस किया गया। जब अजब सिंह ने अपनी जमा पूंजी वापस मांगी तो आरोपियों का रवैया बदल गया। याचिका में कहा गया है कि रकम की मांग करने पर तीनों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
अजब सिंह ने कोर्ट को बताया कि एक दिन आरोपियों ने उन्हें बातचीत के बहाने बुलाया और वहां पहुंचते ही गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि आरोपियों ने तमंचा दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी, हाथ-पैर बांध दिए और जबरन एक गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद उन्हें हाईवे की ओर ले जाया गया।याचिका में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, आरोपियों ने सुनसान स्थान पर ले जाकर उन्हें तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक के सामने फेंक दिया, ताकि उनकी मौत सड़क हादसे में दिखाई जा सके और पूरा मामला दुर्घटना की शक्ल ले ले। हालांकि अजब सिंह किसी तरह बच गए और बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया।
पीड़ित का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका पर सुनवाई की और पुलिस को तत्काल तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने राकेश यादव, राजवीर यादव और अभिषेक के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़ित के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अपहरण, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी के आरोप पुष्ट पाए जाते हैं तो आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित चिटफंड कंपनी वैध थी या फर्जी तरीके से लोगों से धन उगाही की जा रही थी।घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं तो यह न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश का भी गंभीर मामला है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई और इस तरह के जाल में न फंसे।फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों पर कब तक कड़ी कार्रवाई होती है।




