US-इजराइल के संयुक्त ऑपरेशन में मारे गए ईरानके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर.मुस्लिम समाज में उबाल है। मुरादाबाद में भी सियासमुदाय के सैकड़ों पुरुष-महिलाओं ने सड़क पर उतरकरअमेरिका-इजराइल की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकिया। प्रदर्शन में शामिल कई मुस्लिम महिलाएं रो पड़ीं।छोटे बच्चे भी इस प्रदर्शन में खामेनेई की तस्वीर हाथों मेंलिए नजर आए।प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम महिलाओं ने कहा किअयातुल्ला अली खामेनेई उनके रहबर थे। एक रहबरको मारकर अमेरिका मुस्लिमों को डरा नहीं सकता। हरघर से रहबर पैदा होगा। प्रदर्शन में शामिल एक मुस्लिम.महिला ने कहा, हमने कौम पर कुर्बान करने के लिएऔलादें पैदा की हैं। अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी.करते हुए महिलाएं बोलीं- तुम कितने रहबर मारोगे, हरघर से रहबर और हुसैनी पैदा होंगे।मुरादाबाद में संभल रोड पर आजाद नगर में शियासमुदाय के सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। जैसे हीअमेरिका-इजराइल के हमले में खामेनेई की मौत की.खबर फैली, देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद मेंमहिलाएं, बच्चे और नौजवान सड़कों पर उतर आए।हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोगों ने नारेबाजी की
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद संभल और इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और कायरर्तापूर्ण.बताया। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं और बच्चों कीआंखें नम नजर आईं।गम और गुस्से से भरे शिया समुदाय के लोगों नेअमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूसनिकाला। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा, “अमेरिका नेएक खामेनाई को मारा है, लेकिन हमारे हर घर में एकखामेनाई है।” उनका कहना था कि यह सिर्फ एक व्यक्तिकी बात नहीं, बल्कि एक विचार और मजहबी नेतृत्व कामुद्दा है, जिसे खत्म नहीं किया जा सकता है।समुदाय के जिम्मेदार लोगों ने कहा कि वे दुनिया मेंअमन चाहते हैं, लेकिन किसी भी तरह की ज्यादती कोस्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसमामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस इलाके में तैनात.रही, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। अंत मेंलोगों ने सामूहिक दुआ की और शांति की अपील केसाथ प्रदर्शन समाप्त किया।



