हापुड़ – आज़ाद अधिकार सेना ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज मुकदमों और उनकी गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है। इस संबंध में संगठन के हापुड़ जिला अध्यक्ष सचिन रावल के नेतृत्व में भारत की महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक मांग पत्र भेजा गया है।
प्रमुख आरोप और संवैधानिक चिंताएं
पत्र में उल्लेख किया गया है कि अमिताभ ठाकुर ने जीवन भर भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र के खिलाफ संघर्ष किया है। संगठन का आरोप है कि इसी के कारण सत्ता के दुरुपयोग द्वारा उनके खिलाफ देवरिया, लखनऊ और वाराणसी में “फर्जी और तथ्यहीन” मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
आज़ाद अधिकार सेना ने अपनी आपत्ति में निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया है:
अवैध गिरफ्तारी: बार-बार गैर-जमानती वारंट (B-Warrant) जारी करना और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालना।
संवैधानिक उल्लंघन: संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 32 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
राष्ट्रपति से की गई मुख्य मांगें पत्र के माध्यम से संगठन ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं:निष्पक्ष जांच: सभी दर्ज मामलों की जांच CBI या किसी अन्य स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए।
मौलिक अधिकारों की रक्षा: मौलिक अधिकारों के संभावित उल्लंघन पर तत्काल रोक सुनिश्चित की जाए न्यायिक निर्देश: राज्य प्रशासन को निष्पक्ष और विधि-सम्मत न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने के लिए निर्देशित किया जाए।आंदोलन की चेतावनी पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आज़ाद अधिकार सेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली में शांतिपूर्ण भूख हड़ताल और आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। मौके हापुड़ जिलाध्यक्ष सचिन रावल, नदीम, रोहित, टिंकू, लविश ,बबली, अनुज ,आकाश बेनीवाल रोहित, सुरेश आदि मौजूद रहे



